कपास के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, CCI की ओर से ‘कपास किसान’ मोबाइल ऐप हुआ लॉन्च, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 1 सितंबर से आरंभ

Cotton Farmers News: हमारे देश के कई राज्यों में किसानों की ओर से कपास की खेती की जा रही है जिसमें राजस्थान, हरियाणा, एमपी, पंजाब व महाराष्ट्र, गुजरात के साथ अन्य राज्य भी शामिल हैं। कई बार किसानों को बाजार में कपास की कीमत न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी रेट से कम पर फसल को बेचने पर मजबूर होना पड़ता है।

कपास किसान’ मोबाइल ऐप हुआ लॉन्च

इसी कड़ी में अब भारतीय कपास निगम लिमिटेड (CCI) के द्वारा किसानों की सुविधा के लेकर बड़ा महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिसकी वजह से किसानों को अपनी फसल को MSP कीमत पर कपास को बेचने को इच्छुक हैं उनको पहले से ही ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा।

जिसको लेकर अब CCI की ओर से ‘कपास किसान’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है। इस ऐप को डाउनलोड किसान अपने मोबाइल फोन में Google Play Store से डाउनलोड किया जा सकता है।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 1 सितंबर से आरंभ

किसानों की जानकारी के लिए बता दें कि अपनी कपास की फसल को बेचने को लेकर 1 सितंबर से पंजीकरण आरंभ होने वाला है। जोकि आने वाली 30 सितंबर तक होने वाला है। लेकिन कपास की फसल की खरीद अक्टूबर में आरंभ किए जाने के पश्चात भी यह प्रकिया को जारी रखा जाएगा।

किसानों को अपनी फसल का पंजीकरण कराने के लिए पहले मैन्युअल तरीके करना पड़ रहा था जो कि अब इसको पूरे तरह से डिजिटल होने वाला है। जिसके चलते किसानों को अपनी फसल का अब पंजीकरण कराने को लेकर बार-बार केंद्र के चक्कर लगाने से छुटकारा मिल जाएगा।

मोबाइल ऐप पर करें रजिस्ट्रेशन

किसान को अपने फसल के लिए ‘कपास किसान’ ऐप के जरिए स्व-आधारित पंजीकरण कर सकते हैं। जिसको लेकर किसानों को अपनी भूमि से जुड़े कागज, कितनी भूमि पर कपास की बुवाई की जानकारी व संबंधित कृषि विभाग या फिर राजस्व विभाग से प्रमाणित जानकारी को भी अपलोड किया जाना होगा। डेटा जो कि राज्य सरकार के अधिकृत अधिकारी की तरह से ही जारी होने वाला है।

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स्लॉट बुकिंग (Slot Booking) की सुविधा होगी उपलब्ध

सीसीआई की ओर से ऐप में स्लॉट बुकिंग की सुविधा को केंदों पर भीड़ कम किए जाने को लेकर आरंभ किया गया है। जिसके चलते किसानों को 7 दिन में रोलिंग आधार पर स्लॉट बुक कर पाएंगे। किसान स्लॉट की उपलब्धता के मुताबिक अपनी सुविधा के साथ फसल को बेचने को लेकर केंद्र पर जा पाएंगे।

अबकी बार कपास का कितना बुवाई हुआ रकबा

बता दें कि राजस्थान प्रदेश में अबकी बार हनुमानगढ़ जिला के अंदर किसानों ने पिछले साल के मुकाबले में लगभग 61 हजार हेक्टेयर भूमि पर अधिक बुवाई के साथ करीब 1.80 लाख हेक्टेयर भूमि पर कपास की फसल की बुवाई किया गया है। किसानों के द्वारा अपनी कपास फसल को मंडियों में बेचने को लेकर अनुमान है कि अक्टूबर महीने में पहुंचने लगेगा। ऐसे में किसानों को अपनी फसल का MSP का पूरा लाभ समय पर खरीद आरंभ किए जाने का फायदा मिल पाएगा।

जिला में CCI की खरीद कितने केंद्र पर होगी?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान प्रदेश के हनुमानगढ़ जिला में CCI की के द्वारा 9 मंडियों में कपास को खरीदे जाने के आसार हैं। इन सभी केंद्रों के सचिवों को किसानों को अपनी कपास फसल के रजिस्ट्रेशन को लेकर जागरुक किए जाने को लेकर निर्देश दिया गया है। जिला में निम्नलिखित 9 मंडी में खरीद किया जाएगा जो नीचे दिए गए हैं।

1). हनुमानगढ़ टाउन

2). जंक्शन

3). गोलूवाला

4). पीलीबंगा

5). रावतसर

6). भादरा

7). नोहर

8). टिब्बी

9). संगरिया

अबकी बार कितनी MSP को बढ़ाया गया है?

किसानों को अपनी फसल का सही कीमत मिले इसको लेकर सरकार की ओर से अबकी बार कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी रेट में बढ़ोतरी हुई। जिसमें मीडियम स्टेपल कपास कीमत व लंबी स्टेपल कपास की कीमत क्रमशः 7710 रुपए व 8110 रुपए प्रति क्विंटल में टोटल 589 रुपए की बढ़ोतरी किया गया है।

ऐसे में किसानों को अपनी फसल पंजीकरण प्रक्रिया में सुधार के लिए ‘कपास किसान’ ऐप का लॉन्च किया जाने से एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। जिसकी वजह से पंजीकरण प्रक्रिया आसान होने के साथ ही केंद्रों पर भीड़ नहीं लग पाएगी। इस प्रकार से किसान को कपास की फसल को अपने समय के मुताबिक बेचने का फायदा उठा सकते हैं।

जिन किसानों ने अपनी भूमि में कपास की फसल किया है वे जल्द ही 1 सितंबर से या फिर इससे पहले ऐप को डाउनलोड करें। अपनी फसल का पंजीकरण अवश्य करें। जिससे किसानों को अपनी फसल का सरकारी समर्थन मूल्य का बेनिफिट ले पाए।

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