इस सप्ताह के आरंभ में सरसों से जुड़ा बाजार कमजोर देखा गया। राजस्थान जयपुर सरसों रेट में भारी तेजी के साथ बंद हुआ। बता दें कि सरसों तेल व खल में हो रही गिरावट के कारण मार्केट सेंटिमेंट पर दबाव आया है। देशभर में आवक के बढ़ने व कांडला में CPO में मजबूती के कारण बाज़ार को संभाल नहीं पाई।
Mustard Price Update
जयपुर सरसों + GST की कीमत 7200 से 7225 रुपए प्रति क्विंटल तक रहा। जोकि पिछले स्तर से 75 रुपए प्रति क्विंटल तक कमजोर है। इसके अलावा प्रति 10 किलो सरसों एक्सपेलर ऑयल रेट 1415 रुपए, 16 मंदा और कच्ची घानी 1470 रुपए में 19 रुपए का तेजी आया।
बात करें सरसों खल की तो प्रति क्विंटल 30 रुपए घटकर 2780 से 2785 रुपए दर्ज किया गया। जो कि फीड सेक्टर से उठाव कमजोर देखा गया है।
सरसों की देशभर में आवक की बात करें तो टोटल 2 लाख 50 हजार बोरी, जिसमें 25 हजार बोरी या इसमें 11.11 प्रतिशत की बढ़त मिली है। राजस्थान में सरसों आवक 95 हजार, हरियाणा व पंजाब में सरसों आवक 20 हजार, उत्तर प्रदेश में 35 हजार, मध्य प्रदेश में 25 हजार, गुजरात में सरसों आवक 20 हजार और अन्य राज्य में सरसों की आवक 60 हजार बोरी हुई।
कांडला में प्रति 10 किलो 15 रुपए बढ़त के साथ CPO 1157 रुपए देखा गया। लैंडेड कॉस्ट में बढ़ोतरी के मुताबिक घरेलू बाज़ार एडजस्ट हुआ। जिसके चलते CPO के रेट में बढ़ोतरी हुई। वहीं इम्पोर्ट ट्रेड के लिए पैरिटी बेहतर होता देखा गया।
हमारे देश भारत में सरसों मिल उत्पादन 2025-26 में करीब 6.48 मिलियन टन यानी 4.5 प्रतिशत होने की संभावना है। ट्रेडर्स के अनुसार सरसों तेल व खल में गिरावट के कारण बाजार को कमजोर किया है, वहीं CPO में बढ़ोतरी व आवक में बढ़ोतरी का सपोर्ट सीमित। आने वाले समय में सरसों के भाव की स्थिति सरसों की आवक, मस्टर्ड मील एक्सपोर्ट डिमांड व ग्लोबल वेज-ऑयल मूवमेंट पर निर्भर रहेगी। व्यापार अपने विवेक से करें।
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