Brown Plant Hopper: कहीं आपकी धान फसल में तो नहीं हुआ ब्राउन प्लांट हॉपर का अटैक, जानें भूरा फुदका कीट की रोकथाम के उपाय 

देश भर में तकरीबन सभी क्षेत्र में धान की बुवाई का कार्य पूरा होने के साथ ही अब सितंबर महीना आरंभ होने के साथ धान की फसल में बालियां भी निकलना आरंभ हो चुका है। बालियों के निकलने के साथ-साथ किसानों को सितंबर से लेकर अक्टूबर महीने तक धान की फसल में भूरा माहू यानी ब्राउन प्लांट हॉपर का प्रकोप आरंभ होने लगता है। यह धान की फसल में रस चूस कर अधिक नुकसान कर सकता है। इसके प्रकोप के चलते पौधा अपने भोजन को बनाना कम या बंद करने से सभी धान के पौधे सूख कर खत्म होने लगते हैं।

किस प्रकार से करें ब्राउन प्लांट हॉपर (Brown Plant Hopper) की पहचान

बता दें कि ब्राउन प्लांट हॉपर (Brown Plant Hopper) का प्रकोप फसल में धान रोपाई करने के 55 दिन से लेकर 60 दिन के पश्चात किसी भी समय पर हो सकता है। इसके अटैक की बात करें तो यह पौधे के नीचे जड़ के नजदीक से आरंभ होता है। इनके अंडों का रंग सफेद होता हैं। जिसके अंडे बनने से निंफ ओर इसके पश्चात एडल्ट बनता है। ब्राउन प्लांट हॉपर की संख्या दुगनी अधिक तेजी के कर देते हैं। अधिक संख्या होने पर पौधे को पूरी तरह से सुखा देते हैं। खेत में देखने पर बीच बीच में सूखे पौधों के जैसा देखने को मिलेगा यानी कि जैसे फसल जलकर सुख रही है। जो कि कुछ समय बाद पूरे खेत में फैल सकता है। इसके चलते किसानों को अपनी फसल में पूरा यानी 100 प्रतिशत तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है।

 किस समय ब्राउन प्लांट हॉपर के फैलने के अधिक आसार 

धान की फसल में इसके अटैक होने से पहले इसके अधिक होने की संभावना को जानना बहुत जरूरी है। ऐसे में किसानों को बता दें कि अगर आपके खेत में अधिक नमी होने पर यह अटैक करता है। इसके अलावा खेत में लगातार पानी का खड़ा रहना, एक से दूसरे पौधे का अधिक नजदीकी, ज्यादा नमी, पौधे के नीचे हिस्से पर धूप का न पहुंचना, जिसके चलते धान की फसल में पौधों के बीच में हवा नहीं क्रॉस है। इसके अलावा नाइट्रोजन डालने व समय से पहले कीटनाशक का प्रयोग के चलते भी तेले या माहू का प्रकोप ज्यादा होता है।

किस तरह से ब्राउन प्लांट हॉपर की करें रोकथाम

किसानों को अपनी फसल में जब भी ब्राउन प्लांट का निम्फ या फिर एडल्ट देखने को मिलता है तो फिर आपको उसी समय के दौरान तुरंत पानी को निकलना चाहिए। इसके अलावा किसानों को अच्छे से खेत में चेक करना होगा। फसल ब्राउन प्लांट हॉपर की रोकथाम किए जाने को लेकर किसान 2 तरह के कीटनाशकों का प्रयोग कर सकते हैं जिसमें कांटेक्ट या फिर सिस्टमैटिक शामिल हैं।

जो भी किसान अपनी फसल में कांटेक्ट कीटनाशक का इस्तेमाल करने वाले हैं उनको पौधे की जड़ तक पानी को पहुंचाना होगा। ऐसे में जब फसल बड़ी होती है तो यह कर पाना मुश्किल होता है। ऐसे में किसानों को सिस्टमैटिक कीटनाशकों का इस्तेमाल करने की कोशिश करना चाहिए। क्योंकि पौधों की जड़ों के नजदीकी इसका प्रकोप देखने को मिलता है।

ब्राउन प्लांट हॉपर को लेकर इस्तेमाल वाली कीटनाशक

आज के समय किसानों को बाजार में कई तरह की कीटनाशक दवा को देखा जा सकता है। जिसके चलते ब्राउन प्लांट हॉपर की रोकथाम कर सकते हैं। परंतु हमको 4 से लेकर 5 ऐसे कीटनाशक के बारे में जानकारी देने वाले हैं जिनके इस्तेमाल करने से आपको अपनी फसल में इसके प्रकोप को रोक सकते हैं।

1). इमिडाक्लोप्रिड 100ml प्रति एकड़

2). थियामेथोक्सम(एक्टारा) सिंजेन्टा 100 ग्राम प्रति एकड़

3). ट्राइफ्लुमेज़ोपाइरिन (पेक्सालोन) Dupont प्रति एकड़ 100ml

4). डिनोटफ्यूरन (ओशीन) PI 100g प्रति एकड़

5). पाइमेट्रोज़िन (चैस) Syngenta 120g प्रति एकड़

नोट:- किसान भाई ब्राउन प्लांट हॉपर (BHP) की रोकथाम करने में इन कीटनाशक का उपयोग कर सकते हैं। अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए अपने नजदीकी कृषि विभाग में अवश्य संपर्क करें।

 

 

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